
एक अंधेरे कमरे में आसमान से आ रही चांद की हल्की-हल्की रोशनी के अलावा उसे कमरे में कोई और रोशनी नहीं थी।
दर्द में रोने की और सिसकियां की आवाज पूरे कमरे को और भी ज्यादा इंटेंस और दीप महसूस करवा रहा था।

एक अंधेरे कमरे में आसमान से आ रही चांद की हल्की-हल्की रोशनी के अलावा उसे कमरे में कोई और रोशनी नहीं थी।
दर्द में रोने की और सिसकियां की आवाज पूरे कमरे को और भी ज्यादा इंटेंस और दीप महसूस करवा रहा था।
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